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तेंदुआ रहवासी इलाकों का हो चुका है आदि,अब लोगों को देखकर भागता नहीं बल्कि गुर्राता है..तेंदुए का ऐसा नजारा देखकर लोग घरों में दुबके..

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रायपुर।छत्तीसगढ़ का कांकेर जिला इन दोनों तेंदुआ बाहुल्य इलाका कहां जाने लगा है। गांव से लेकर शहर तक पहाड़ी व रहवासी जगहो में आज दिन तेंदुए देखे जा रहे हैं। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में गाय का शिकार करता लाइव वीडियो देखने के बाद लोगों में दहशत फैली ही थी कि बीती रात फिर कोडेजूँगा में तेंदुआ देखने को मिला। राहगीरो ने एक बार फिर तेंदुए का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया है। वीडियो में देखा गया कि तेंदुआ अब लोगों को देखने के बाद भी वापस नहीं भाग रहा है बल्कि लोगों को देखकर गुर्राने लगा है, ऐसा वीडियो देखकर लोग अपने घरों में दुबक गए हैं।

इलाकों से कुत्ते भी हो रहे गायब

कॉलोनी की बहुत से स्ट्रीट लाईट भी बंद पड़ी है, झाड़ियां इतनी है कि इनके भीतर छुपे होने पर भी किसी को पता नहीं चलेगा। अब बच्चे गार्डन में भी नहीं खेलने जा रहे, सभी को घरों में दरवाजे बंद कर रखा जा रहा है। कॉलोनी से कुत्ते भी धीरे-धीरे गायब हो रहे है, तेंदुआ 2 मवेशी को अब तक निवाला भी बना चुका है, जिसमे एक मेवशी का अंतिम संस्कार कॉलोनी वासियों ने ही किया, लोग डर से इतना सहम गए है कि अब अपने बच्चों को भी स्कूल भेजने से कतराने लगे है। विभाग को सूचना देने के बावजूद विभाग इस ओर कोई पहल करता नजर नहीं आ रहा है।

गर्मियों के समय बढ़े थे तेंदुए की संख्या

गर्मियों के समय में डुमाली, गढ़िया पहाड़, दुधावा, जंगलवार समेत विभिन्न पहाड़ो में तेंदूए के शावक देखे गए थे। तेंदुए के शावक नर और मादा तेंदुए के साथ विभिन्न पहाड़ों में घूमते हुए बड़े हो रहे हैं, जिनकी उम्र अब करीब 6 माह से अधिक हो चुकी है। कांकेर में तेंदुओं की संख्या बढ़ने की खबर वन विभाग के लिए अच्छी है पर यही तेंदुए अब गांव से लेकर शहर तक आतंक मचाने लगे हैं ऐसे में लोगों का घर से निकलना दुभर हो गया है, जिसको लेकर वन विभाग भी कुछ नहीं कर पा रही है।

पकड़े जा रहे तेंदुए लेकिन नहीं घट रही संख्या

कांकेर समेत आसपास के इलाकों में तेंदुए की आतंक बढ़ने के बाद वन विभाग द्वारा रेस्क्यू करते हुए तेंदुए को पकड़ने की कार्यवाही की जाती है और अब तक कई दफा सफलता हासिल की गई है। वन विभाग तेंदुए को पकड़कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण करती है और सुरक्षित घने जंगलों में छोड़ने का दावा करती है लेकिन तेंदुए की संख्या घट ही नहीं पा रही है, बल्कि सबको की वजह से दुगना होने लगा है, जिससे लोग तेंदुए को वापस आसपास की पहाड़ी में छोड़ने का दावा करने लग गए हैं।

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